
हमें चोट लग जाती हैं हमें बहुत तकलीफ होती हैं और हम कई काम को बहाना मर के छोड़ देते है लेकिन चोटिल होने पर भी काम किया जा सकता लोक धर्म में कल आता है और उसी कल के कारण बहुत सारा काम रह जाता कुछ लोग मेरे से बड़े हैं और बेकार भी फिर भी उनको बुरा नही कह पाते अगर मौका मिल जाये तो उनकी अकल ठीकाने लगा दे पर लोक धर्म न बॉध लिय लिया है

















