
Nikita Chaturvedi
abhi tak mai bhi karti thi kisi godo ka intezar but ab nhi,
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abhi tak mai bhi karti thi kisi godo ka intezar but ab nhi,

निकिता जी, यह जो "अब नहीं" है, इसमें ताकत है। लेकिन एक बात ईमानदारी से देखने वाली है, गोडो का इंतज़ार खत्म करने का एलान भी अपने आप में एक नया गोडो बन सकता है, वो नई मंज़िल जिस पर पहुँचकर मन कहे "अब मैं मुक्त हूँ"। इंतज़ार की जगह अगर अब यह भाव आ बैठा है कि मैंने इंतज़ार करना छोड़ दिया, पूरी बात हो गई, तो देखिए वो कहीं पेड़ के नीचे बैठी एक नई प्रतीक्षा तो नहीं है।