
👉दुसरो की नजर मैं अपनी बात,अपना विवेक दबाना अच्छी(स्वर्थो के अनुसार ) बात नही, क्युकी दूसरे खुद बर्बाद है,वो लोगो को बर्बादी और बेईमानी के साथ आगे बढ़ायेगे। क्युकी वो भी उन्ही सुरक्षित रास्तो से होकर आय है, उन्हें पता है, की जीवन मैं स्वार्थ के साथ ही जीना उनके हिसाब से एक सफल जीवन है।तो इन सब को देखकर अगर मैं भी सब लोगो की तरह वैसा ही जीवन जीना सूरू करुँगी, तो मुझे और ज्यादा इज्जत और बड़ाई मिलेगी। जों मुझे संस्कार के नाम पर मुझसे अपने स्वार्थ पूर…
















