
मैने दसवीं तक पढ़ाई की और फिर आर्थिक स्थिति ठीक ना होने की वजह से पढ़ाई छोड़ दी और काम करना शुरू कर दिया। लेकिन अब जब आचार्य जी को सुनता हूं और शिक्षा का महत्व समझ आया तो लगता है देर होगयी और उम्र 36 पार हो गई है तो लगता है पढ़ना चाहिय कि नहीं। क्योंकि अब नौकरी करता हूं, परिवार है, बच्चे हैं, उनकी जिम्मेदारियां हैं, तो अपने आप को मजबूर महसूस करता हूं।
















