
मेरे घर के पास एक खाली प्लॉट है। उसमें लोग कचरा फैंकते हैं,मैं उन्हें मना करती हूं।लेकिन वो लोग नहीं मानते क्योंकि जिनके घर उस प्लॉट के आस पास है वो लोग भी भी वहीं कचरा डालते हैं पर मैं नहीं डालती क्योंकि यदि मैं भी डालने लगी तो उन लोगों को कौन मना करेगा । जब लोगों ने कचरा डालना शुरू किया था तब किसी ने मना नहीं किया होगा। फ़िर डालते चले गए।तब हम वहाँ नहीं रहते थे। अब वहां बहुत बड़ा ढेर हो गया है। तो यह नज़र अंदाज करने का ही नतीजा है।
















