
मुझमे कोई कला नहीं है, क्योंकि बचपन से एक हि सिख मिली है की पैसा important है, नहीं तो भूखे मरोगे. इसीलिए ना घर मे कोई कलाकार है. नाही मुझमें कोई कला है. नाही मैं कला की कद्र करता हु. हमेशा लगता है की इससे मिलेगा क्या? क्या इससे मुझे कुछ पैसा मिलेगा? क्या मैं समय का व्यय तो नहीं कर रहा हु.
















