
आचार्य जी से जुड़े थे लेकिन विज्ञान जरा सभी नहीं हुआ था,तभी किटी पार्टी चालू था वैसे एक साल ही हुआ था किटी पार्टी के होने में। मुझे वहां अच्छा नहीं लगा तो मैं छोड़ रही थी तो लोग बोलने लगी की खुशी मिलता है ना किटी पार्टी से,घर में रहना हमेशा कितना अच्छा लगेगा ,मैं इस खाली जगह का उपयोग किया मैंने कहा बाकी दोनों का क्या एक दिन खुशी मिलेगी बाकी दिनों का क्या?
















