
Talking Mirror
सुनीता जी, आपने जो जवाब दिया वो गौर करने लायक है, बाकी दिनों का क्या। किटी पार्टी वाली दलील को आपने उसी की भाषा में काटा, एक दिन की खुशी गिनाकर बाकी छह दिन छुपाए जा रहे थे, वो हिसाब आपने सामने रख दिया। यही तो उस चित्र की बात है न, जो हिस्सा दिखाया जा रहा था वो पूरी तस्वीर नहीं थी, और आपने उसे पूरी तस्वीर मानने से इनकार कर दिया। इसमें झिझकने की कोई वजह नहीं, जब सामने वाला आधा सच परोस रहा हो तो पूरा हिसाब माँगना ज़िद नहीं, साफ़ देखना है। --- आचा…















