
🪞 और अपने जीवन में भी देखिए: क्या मैं सामने वाले इंसान को वास्तव में देख रहा हूँ, या अपने अहंकार की बनाई हुई उसकी तस्वीर को? 🌿🌿 मैं जब मेरी मां को देखती हूं तो मैं मेरी मां कि उस चेहरा को देखती हूं जो मेरी अहंकार के द्वारा बनाया हुआ है। जैसे कि यह मां है और इनका काम है घर में रह कर खाद्य पदार्थ बनाना और घर में सब लोगों को खाने केलिए देना ऐसे बहुत सारे मान्यताओं जुड़ी हुई है उस अहंकारी तस्वीर से।
















