![ताओ ते चिंग (भाग 2) | Tao Te Ching (Bhag 2) [New Release]](https://cimg.acharyaprashant.org/images/img-e5e31008-6b1a-4991-88dc-b003c602e29d/30/image.jpg)
अध्याय 4-8 पर भाष्य
हमारे पास कुछ कमी नहीं हैं बल्कि अधिकता हैं, वही अधिकता ही हमारे बोझ का कारण हैं। जो व्यक्ति झूठी मान्यताओं और धारणाओं को छोड़कर एक सरल और स्पष्ट जीवन जीना चाहतें हैं उनके लिए ये पुस्तक किसी खज़ाने से कम नहीं है। जिन्हें अपने जीवन में बोझ से हल्का होना है और स्वतंत्र जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ना है, उन्हें ये पुस्तक ज़रूर पढ़नी चाहिये।

इस पुस्तक को पढ़ने के बाद मैने सोचा क्यों न ये बात आप सभी से कहूँ, जिससे आप भी यह पढ़े, यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि मन की भागदौड़ को रोककर स्वयं से मिलने का निमंत्रण है। मैंने पहले भी कई आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ी थीं, लेकिन ताओ ते चिंग को आचार्य प्रशांत जी की व्याख्या के साथ पढ़ना बिल्कुल अलग अनुभव रहा। लाओ त्सू के गहरे और सूक्ष्म सूत्रों को जिस सरलता, स्पष्टता और आधुनिक संदर्भ के साथ समझाया गया...

मैंने इस पुस्तक के पहले दो अध्याय पढ़े हैं और यह सच में आँखें खोलने वाली है। आचार्य प्रशांत लाओत्सु के वचनों की बहुत ही गहरी और व्यावहारिक व्याख्या करते हैं। अगर आप अपने मन के धोखों को समझना चाहते हैं और एक सच्ची आज़ादी की तलाश में हैं, तो यह किताब ज़रूर पढ़ें। बहुत ही सरल और प्रभावशाली!