
इस पुस्तक को पढ़ने के बाद मैने सोचा क्यों न ये बात आप सभी से कहूँ, जिससे आप भी यह पढ़े, यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि मन की भागदौड़ को रोककर स्वयं से मिलने का निमंत्रण है। मैंने पहले भी कई आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ी थीं, लेकिन ताओ ते चिंग को आचार्य प्रशांत जी की व्याख्या के साथ पढ़ना बिल्कुल अलग अनुभव रहा। लाओ त्सू के गहरे और सूक्ष्म सूत्रों को जिस सरलता, स्पष्टता और आधुनिक संदर्भ के साथ समझाया गया...