
अध्यात्म, दर्शन, राष्ट्र

भारत पढ़ते समय मुझे यह महसूस हुआ कि यह किताब सिर्फ देश के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमें खुद को और अपनी सोच को समझने का मौका देती है। इसमें भारत को केवल एक भूगोल या इतिहास के रूप में नहीं, बल्कि एक गहरी चेतना और विचार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आचार्य प्रशांत ने बहुत स्पष्ट तरीके से बताया है कि भारत की महानता केवल अतीत में नहीं, बल्कि आज के लोगों के विचार और जीवन में झलकनी चाहिए। पढ़ते समय ...

आज 🇮🇳 26 नवंबर — संविधान दिवस है। संविधान दिवस 26 नवंबर को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में भारत का संविधान अपनाया गया था। इस दिन हम अपने मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों को याद करते हैं तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का सम्मान करते हैं। ⸻ ✨ आचार्य जी का भारतीय संविधान के बारे में विचार — संविधान: धर्म का फूल ...