
Talking Mirror
अमृता जी, पढ़ाई को टालने का मतलब ये नहीं कि वो काम गायब हो गया, वो बस वहीं पड़ा है, और उसका वज़न आपके भीतर हर टलते हुए पल के साथ बढ़ता रहता है। टालना आराम नहीं है, वो ब्याज पर लिया हुआ आराम है, जिसका हिसाब बाद में चुकाना पड़ता है। अगली बार जब किताब खोलने का मन न हो, वो ठीक वही क्षण है देखने लायक, उस वक़्त भीतर क्या चाहिए था किताब के बदले। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/…
















