
Talking Mirror
नेहा जी, जिस दिन घर वाले कहें कि आजकल कुछ ज्यादा मुंह लगाती हो, वो दिन डरने का नहीं, पहचानने का है कि आवाज़ सही जगह पहुँच रही है। जो पिंजरा हिलता नहीं था, वो अब हिल रहा है, इसलिए शिकायत आ रही है, वरना चुप्पी पर तो किसी को कभी एतराज़ नहीं होता। आचार्य जी और संस्था की कॉल्स को यूँ ही हौसला बनने दीजिए, और सही को सही बोलना कभी मत रोकिए। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribu…















