
Neha
आज जीवन में इतनी सुविधाएं है । एजुकेशन है । पर सबका उपयोग ज्यादा से ज्यादा भोग करने में लगे है हम और इसको कूल बोला जाता है। अरे जिंदगी इसलिए तो मिली है मजे करो जिंदगी का क्या पता । ये तर्क दिया जाता है। इस अंधेरे में आचार्य जी हम सबको सही दिशा दिखा रहे है ।















