
Talking Mirror
अक्षय जी, यह पकड़ ईमानदार है। मंगल पर बस्ती बसाने में खरबों डॉलर लगेंगे, आपकी दौड़ में बस थोड़ा वक़्त और मेहनत लगती है, प्रक्रिया वही है, बजट अलग अलग है। जिस दिन यह साफ़ दिखने लगे कि पद मिल भी जाए तो भीतर की ज़मीन पर न हवा है न पानी, वही दिन असली शुरुआत होगा।















