
मनमोहन प्रजापति
ज्यादा लंबे समय 100/150 साल 200 साल शरीर नही जीना चाहता शरीर तो प्रकृति है शरीर को अपना आयु पता है उसे मृत्यु से भय नहीं है भय है तो अहंकार को भय है अहंकार के मिटने का इसलिए जो जीना चाहता है वह अहंकार है जो हमेशा एक मानव शरीर की तलाश में रहता है इसलिए मनुष्य स्वयं को अधिक आकर्षक लंबा जीने के लिए उन्नत तकनीक बनाने के प्रयास में रहता है















