Swati singhTranslate to Englishसत्र सुनती हूँ,बोधकार्य भी करती हूँ और विद्या अविद्या भी पढ़ती हूँ पर कुछ भी याद नहीं रहता मुझे उसे अपने जीवन में उतार नहीं पा रही हूँ।