
Talking Mirror
राधा जी, ये जो कोशिश आप बार बार कर रही हैं, यही असली चीज़ है। पति को समझाना आपके हाथ में नहीं है, पर कोशिश जारी रखना पूरी तरह आपके हाथ में है, और वो आपने चुन लिया है। झगड़ा होने के बाद भी फिर से प्रयास करना, यही वो हिम्मत है जो अंत तक ले जाती है। रीना जी की कहानी भी यहीं से शुरू हुई थी, बरसों के प्रयास से। आप गीता सत्रों से जुड़ी रहिए, अपना देखना जारी रखिए, बाकी वक़्त पर छोड़ दीजिए।















