
घर में दबकर जीना, अपनी इच्छा के लिए भी विरोध सहना, पढ़ाई के लिए अपने ही लोगों के सामने खड़ा होना— मैंने हर कदम पर संघर्ष किया है। लेकिन अब संघर्ष सिर्फ़ बाहर से नहीं है। अब मैं अपने डर, अपनी conditioning और अपनी सीमाओं के विरुद्ध खड़ी हूँ। घर की चौखट से बाहर निकलना आसान नहीं था, ♻️ अपने भीतर की कैद से निकलना असली संघर्ष है। अब अपने फैसलों के खतरे भी मेरे हैं, उनकी कीमत भी मेरी है, और परिणाम की ज़िम्मेदारी भी मेरी। अब पीछे लौटने का सवाल नहीं—…





























