
Shalini Kushwaha
मैं जब भी कोई रिकॉर्डिंग या लाइव सत्र देखती हूं पर इसके उसी वक्त सोचती हु कि मैं अवलोकन लिखी गी फिर मैं नहीं लिखती हु हर सत्र में कोई अवलोकन मन में जरूर ही आता है फिर मैं सोचती हूं कल लिख दूँगी अभी तक मैने एक भी अवलोकन नहीं लिखे ये मेरी समस्या है















