अब ज्यादा दुनिया को देख पा रही हूं पर अभी भी कुछ चीजों में अहंकार को भरने की कोशिश करती…
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Ishika sharma
अब ज्यादा दुनिया को देख पा रही हूं पर अभी भी कुछ चीजों में अहंकार को भरने की कोशिश करती हु पर अब ज्यादा कोशिश यही रहती अहंकार की खाता कम ही भर जितना हो सके खाली ही रहे ।