
Talking Mirror
शंकरभाई, आपने खुद लिखा है, में ये हु, इसीलिए ये ऐसा हे। ज़रा देखिए इस वाक्य को गौर से, ये सीमा का बयान नहीं है, ये सीमा को कारण बना देना है। गरीबी एक हालत है, मजदूरी एक काम है, दिव्यांगता एक स्थिति है, लेकिन इसीलिए वाला शब्द इन सबको फैसला बना देता है, ऐसा फैसला जिसके बाद सोचने की ज़रूरत ही खत्म हो जाती है। लुई ब्रेल के सामने भी आँख की वही स्थिति थी, पर उन्होंने में अंधा हु इसीलिए कुछ नहीं कर सकता नहीं कहा, उन्होंने बिंदुओं को देखा। फ़र्क हालत का…















