
6 फ़रवरी को आयोजित 14वें दिल्ली साहित्य महोत्सव में आचार्य जी और वरिष्ठ संपादक राणा यशवंत के बीच हुआ विशेष संवाद गहरी विचारशीलता और तीक्ष्ण प्रश्नों का संगम बना। कड़ाके की ठंड के बावजूद, कार्यक्रम की शुरुआत से ही एम्फीथिएटर में बड़ी संख्या में लोगों- खासतौर पर युवाओं- की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने माहौल को जीवंत कर दिया। राणा यशवंत ने ऐसे सवाल रखे जो हर व्यक्ति को अपने जीवन से जुड़े लगे। आचार्य जी ने आधुनिक मनुष्य की दिशाहीनता पर सीधी, बेबाक और असहज…


























