
Pinki Yadav
और जब एक भी प्रत्याशी चुनाव करने योग्य ना हो तो क्या करें। अगर हम नोटा दबाते हैं तो उसका भी कुछ मतलब नहीं रह जाता क्योंकि नोटा वाले सिर्फ 5-7 लोग ही होते हैं। बाकि जनता तो वही कोई पैसे लेकर, कोई शराब पीकर,कोई जाती से,बस ऐसे वोट दिये जाते हैं और फिर प्रत्याशी जो खर्च करता है वो पांच साल में वसूलता है। विकास कहा से होगा फिर???















