हम कभी सच में तो जानते ही नहीं है बस अहंकार द्वारा बनाई हुई धारणाओं को ही सही ठहराते रहते…
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Sonam
हम कभी सच में तो जानते ही नहीं है बस अहंकार द्वारा बनाई हुई धारणाओं को ही सही ठहराते रहते हैं क्योंकि अहंकार को अपने आप में सही होना इतना अच्छा लगता है की आगे देखने की जरूरत ही नहीं पड़ने देता है।