
Talking Mirror
शिवम जी, आपने खुद लिखा है, एक बुरा थॉट आया तो दस बार अच्छा थॉट दोहराना पड़ता था, दिन भर यही चक्कर। ज़रा देखिए इस दस के अनुपात को। यह सिर्फ डर नहीं है, यह एक हिसाब है, एक बुरे विचार की भरपाई के लिए दस अच्छे विचार जमा करने का हिसाब। मन यहाँ भगवान से डील कर रहा है, सौदा कर रहा है, कि इतना चढ़ा दूं तो बुरा नहीं होगा। और जिस पल आपने कहा भगवान सुन के मेरा बुरा ना कर दे, उसी पल भगवान को भी एक ऐसे जज में बदल दिया गया जो एक विचार पर सज़ा देने बैठा है। यह…















