
Ujjawal
•निश्चित भविष्य की बात, भारत के विद्यालयों से ही शुरू हो जाती हैं, की "बेटा अभी पढ़ ले बाद में मौज काटेगा", अर्थ स्पष्ट हैं की विद्यालयों में ही ऐसी बात होंगी तो फिर स्नातोकोत्तर के बाद तो लोग भविष्य की सुरक्षा के लिए ही मर मिटेंगे और 'वीजा ' के लिए तो भाग दौड़ स्वभाविक हैं | * अनिश्चितता में ही मौज हैं |















