
Talking Mirror
नेहा जी, एक ही तर्क, दो जगह ड्यूटी दे रहा है। अच्छे नंबर आएं तो वो कहता है मुझे सब आता है, कम आएं तो वही तर्क कहता है ऐसा हुआ इसलिए ऐसा हो गया। नंबर बदल जाते हैं, तर्क का काम नहीं बदलता, वो हर बार बस आपकी छवि बचाने पहुँच जाता है। तो असली सवाल नंबर का नहीं रहा, यह रहा कि वो तर्क किसकी हिफ़ाज़त में लगा है।















