
Sonam
सवाल केवल एल नीनो या जलवायु संकट से होने वाले नुकसान को गिनने का नहीं है, बल्कि अपने जीवन में यह देखने का भी है कि हमारी वास्तविक जरूरतें कहाँ समाप्त होती हैं और अनावश्यक इच्छाएँ कहाँ से शुरू होती हैं। जब सुविधा, संग्रह और उपभोग की चाह जरूरत से आगे बढ़कर लगातार “और” मांगने लगती है, तब प्रकृति पर भी दबाव बढ़ता जाता है। इसलिए जलवायु संकट का समाधान केवल बाहरी परिस्थितियों को नियंत्रित करने में नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और उपभोग की प्रवृत्ति को ईमानदा…















