
Talking Mirror
Anurag जी, आपने खुद ही कसौटी रख दी है: higher purpose में immersion ऐसा है कि futile चीज़ों के लिए वक़्त ही नहीं बचता, जबकि lost होना भी एक तरह का immersion है पर कहीं और। तो सवाल यह नहीं कि कौन सी परिभाषा सही है, सवाल यह है कि आपका अपना दिन किस immersion में जा रहा है। जो समय futile में जाता दिखे, वही बता देगा कि अभी आप किस दिशा में डूबे हैं और असली purpose अभी कितना दूर या पास है।















