
khushi
मैने पश्मीना शॉल तो कभी नहीं खरीदी और original leather के समान भी कभी नहीं खरीदे इसलिए नहीं कि ये इन क्रूरताओं के परिणाम स्वरूप हमारे भोग के लिए बने बल्कि इसलिए कि इतने पैसे नहीं थे हमारे पास , लेकिन विरोध नहीं था जब आज पता चला तो अब खुद भी सजग रहूंगी और इनके खिलाफ विरोध भी होगा धन्यवाद आचार्य जी 🙏🏻















