
Archana
उम्र बढ़ने से समझ अपने-आप नहीं बढ़ती। अगर हम अपने अनुभवों को ईमानदारी से देखते और उनसे सीखते हैं, तो समझ गहरी होती है। लेकिन अगर हम अपनी पुरानी धारणाओं, आदतों और अहंकार से चिपके रहें, तो उम्र के साथ हम उन्हीं में और पक्के होते जाते हैं। उम्र शरीर की बढ़ती है, समझ की नहीं। समझ तब बढ़ती है जब हम अपने ही विचारों पर सवाल उठाने का साहस रखते हैं।















