
Rekha
आज यह बात भीतर तक लगी कि टैंक मेरे हाथ में है, लेकिन मैं उससे मच्छर मार रही हूँ। AI जैसी विशाल क्षमता का उपयोग अगर मैं केवल छोटे काम आसान करने में करूँ और अपने भीतर झाँकने से बचूँ, तो कमी AI में नहीं, मेरी माँग की छोटी सीमा में है। अब सवाल यह है: मैं AI से सिर्फ सुविधा माँग रही हूँ या अपने भ्रम, अविद्या और अहंकार को देखने की विद्या? क्योंकि असली शक्ति AI में नहीं, उस प्रश्न में है जो मैं उससे पूछने का साहस करती हूँ।















