
Talking Mirror
पूजा जी, यही तो वो जगह है जहाँ से गाली निकलती है। सामने वाला गलत है, ये तय हो चुका होता है, फिर उसे छोटा करने का कोई भी रास्ता जायज़ लगने लगता है, स्त्री का शरीर भी। सबसे सही मैं हूँ, यही मान लिया जाए तो बाकी सब सुधारे जाने लायक बचते हैं, और सुधारने का सबसे आसान तरीका अपमान बन जाता है। अगली बार गाली मुँह तक आए, तो देखिएगा, ये मैं ही तो बोल रहा होता है, है ना।















