
Puja roi
मै भी एक छोटे से गांव की हु एक मै ही हु गांव में शायद जो आचार्य जी को सुनती हु और लोगो तक उनकी बातें पहुंचाई हु लेकिन आचार्य जी को कोई सुनने को तैयार नहीं घर में भी मैने अथक प्रयास की हु हसबैंड को भी सुनने बोली हसबैंड ने कहा टकला तुमको बिगाड़ के रख दिया इसके लिए मैने लड़ाई भी की क्यों मेरे आचार्य जी ke बारे में ऐसे नहीं बोलो हर रोज मै प्रयास करती हु घर के लोगों से सब मेरा मजाक उड़ाते हैं और कहते है ज्ञान बांटने aa गई हैं कोई उनको सुनने को तैयार न…















