
Vivek Kumar
मेरे जीवन का तेल यही है कि कही मेरी छवि मेरे घर वालों के सामने खराब न हो जाए। लेकिन जब से आचार्य जी जुड़ा हूं अब छवि का ध्यान नहीं रहता पिछले कुछ महीनों में मेरी पुरानी छवि को लेकर अब लोगों को संशय होता है कि ये कैसे बदल रहा है।





























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