
Anisha
यहाँ आकर सब भोले लोग धीरे-धीरे ऐसे ही हो जाते हैं कोई आवारा हो जाता है, कोई बदतमीज़… जैसे कि मैं 😜 जिसने बोलना ही छोड़ दिया था, वो बोलने लगता है, जो चंट बना फिरता था, वो शांत हो जाता है! 😂 मतलब यहाँ सबका कुछ न कुछ हो ही जाता है! 😜 तो ये उपहार है 🎁 और ये आवारापन… रुकना नहीं चाहिए! ❤️
















