परिवार, समाज परिणाम और भोग करना सिखाया है। इसके आगे भी कुछ हो सकता है, वो नहीं सिखाया…
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Saurabh
परिवार, समाज परिणाम और भोग करना सिखाया है। इसके आगे भी कुछ हो सकता है, वो नहीं सिखाया है।
न आत्मज्ञान, न आन्नद।
क्योंकि वेदांत (उपनिषद) के पास नहीं ले गये,
अपने झूठे स्वार्थ के चलते।