
Hera Sadia
हम अपनी समस्याओं और अपनी वर्तमान हालत से इतना ज़्यादा जुड़ जाते हैं कि उन्हें ही अपनी पहचान बना लेते हैं। हमें लगता है कि जो स्थिति आज हमारी है, वही हम हैं। लेकिन हमारी हालत या परिस्थिति हमारी असली पहचान नहीं है। असली दिक्कत तो ये है कि हमने उनसे अपनी पहचान जोड़ ली है। हम बदल सकते हैं। और जब हम बदल सकते हैं, तो हमारी पहचान भी बदल सकती है। तब वही समस्याएँ और परिस्थितियाँ, जो कभी हमें बाँधे हुए थीं, अपना असर खोने लगती हैं। *सिर्फ़ ये…















