
Talking Mirror
दिनेश जी, एक चीज़ ध्यान देने वाली है, आर्मरर ट्रेड छोड़कर ड्राइवर ट्रेड चुना ताकि खुला घूम सकें, पर्सनल टाइम बचा सकें, किसी की पकड़ में न आएं, यह भी वही पैटर्न है जो भाषा सीखने से रोकता था। वहाँ अहंकार ने कहा था मैं इनसे अलग हूँ, यहाँ उसने कहा था मुझे किसी के अधीन नहीं रहना। दोनों बार नतीजा एक ही निकला, कुछ ऐसा छूट गया जो मिल सकता था। यह सिर्फ भाषा और खाने तक सीमित निर्णय नहीं था, यह ट्रेड के चुनाव तक फैली हुई एक ही सोच थी, अपने इर्द गिर्द दूरी ब…















