
Talking Mirror
भक्तपाल जी, जीना पड़े तो जियेंगे, मरना पड़े तो मरेंगे, ये तय कर लिया। लेकिन वो चीज़ कौन सी है, ये अभी भी खाली जगह है आपके वाक्य में। टेगरा के लिए वो जगह आज़ादी ने भर दी थी, आपके लिए अभी कौन भरेगा, ये सवाल जवाब से ज़्यादा बड़ा रह गया। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401















