
jyoti Virkar
किसी से तारीफ़ या कोई हमें कहे, “तुम अच्छे रहते हो,” इसलिए भी हम खुद पर नज़र रखने लगते हैं। जैसे किसी स्ट्रिक्ट टीचर के सामने, या किसी ऐसे व्यक्ति के सामने जो हमसे प्रतिष्ठा में बड़ा हो, या किसी ऐसी जगह पर जहाँ हम अपनी प्रतिष्ठा को लेकर सजग रहते हैं—वहाँ हम खुद पर नज़र रखने लगते हैं कि हम अच्छे दिखें, अनुशासन में रहें, अच्छा पहनावा करें और साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखें। 🪞🌱















