
Bhawna Bhartola
हमारे चुनाव हमारे नहीं होते हैं अगर हमारे चुनाव हमारे होते तो, जो हमें प्राकृतिक रूप से मिली हुई चीज है हम उसको विकृत नहीं करते हम शरीर के तल पर जीते हैं तो हम शरीर को अप्राकृतिक तरीके से विकृत करने लगते हैं। पहले मुझे पता भी नहीं था कि शरीर के बाल भी निकाले जाते हैं ये सब मुझे टीवी देख के पता लगा।















