
Yamuna Prasad Thakur
बस उसकी कामना न पूरी होने का दर्द है, और कुछ नहीं,बस अहंकार का पूरी तरह से उसे न भोग पाने का ड्रामा है. और कुछ नहीं है,वही अब अहंकार अब अपने को सही साबित करने में लगा है, यह तो बिल्कुल यही बात है लोमड़ी जब अंगूर को नहीं तोड़ सकी तो उसने अंगूर को ही दोष दे दिया. यही काम यह अहंकार कर रहा है। धन्यवाद















