
Ranjan Naghare
हां युद्ध भी अहंकार की ही उपज है और युद्ध के परिणाम स्वरूप ही कमजोर और असहाय लोगों को हर तरह की आपदा का सामना करना पड़ता है। प्रकृति में कोई प्राणी अकाल से नहीं मरता, न वहाँ कोई भूखा होता है, न ग़रीब। यह सब सिर्फ़ वहाँ होता है, जहाँ अहंकार प्रबल होता है। युद्ध कोई जानवर नहीं करता। युद्ध मनुष्य की उपज है।















