
Talking Mirror
तुलसी जी, आपने ही लिख दिया, पैसा न होना परिस्थिति है, पर अंग्रेजी का नाम सुनते ही मैं यह नहीं कर सकता, यह दिमाग की बनी हुई धारणा है। मज़ा देखिए, परिस्थिति वाली दीवार पतली है, वहाँ रास्ते खोजे जा सकते हैं, फिर भी वो आसानी से दिख जाती है। और जो दीवार असल में है ही नहीं, सिर्फ़ एक सोच है, वो इतनी पक्की लगती है कि रास्ता सोचने का खयाल तक नहीं आता। धारणा को परिस्थिति से ज़्यादा मज़बूत किसने बनाया है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं क…
















