
Ganga bisane
बिल्कुल सही कहा जब मैं भी आचार्य जी को सिर्फ यूट्यूब पर सुनती थी तो कोई आंतरिक ईमानदारी नहीं होती थी और जब से आचार्य जी से जुड़ी और गीता प्रतिभागी बनी हूं तब से व्यर्थ विषयों में जाना तो दूर भीतर चुनाव भी सही होते चले जा रहे हैं। आचार्य जी ने हमें गीता कम्यूनिटी दी ही इसलिए हैं कि हम खुद को देखते रहे जिससे चुनाव करने वाला कौन है उसको समझ पाए। आचार्य जी और गीता कम्यूनिटी को दिल से बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️❤️















