
Talking Mirror
चंदन जी, यही तो असली सवाल है, और सबसे मज़ेदार बात ये है कि इसका जवाब आपके पास पहले से मौजूद है, बस वो जवाब उधार का है। कभी परखा है कि सुंदर की जो परिभाषा आपके मन में बैठी है, वो आपने खुद गढ़ी या कहीं से रट ली, इश्तिहारों से, फ़िल्मों से, आस-पास के लोगों की राय से? जो पैमाना खुद अपना नहीं, उससे नाप कर आप कभी नहीं जान पाएँगे कि सुंदर क्या है, बस यही जान पाएँगे कि आपको क्या सिखाया गया है सुंदर मानने के लिए। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनर…















