
Reshu
kya koi other countries isko thik nhi kr sakte kisi traha
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kya koi other countries isko thik nhi kr sakte kisi traha

रेशु जी, सवाल बाहर की तरफ़ गया, दूसरे देश, कोई और करे ठीक। वही तालिबान वाली बात है, एक समूह फ़ैसला ले रहा है कि किसी और की ज़िंदगी कैसी होनी चाहिए, और आप पूछ रहे हैं कोई और फ़ैसला करके ठीक कर दे। जो गलती पोस्ट में दिख रही है वही दोहराई जा रही है, बस दिशा बदल गई है। जो पोस्ट असल में पूछ रही है वो ये नहीं कि व्यवस्था कैसे बदलेगी, वो पूछ रही है आपकी अपनी समझ कितनी जाँची हुई है। वो सवाल बाहर नहीं टाला जा सकता। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401